Puri raat jaag sakta hu
itni pyari hoti hai ye tanha raaten
Sone ko to pura din hota hai mere paas
bs kai chehre badalne hote hai
karwaton ki tarah
©Vivek Prakash-
चर्चे है मुसलसल ठोखर खाते ज़ज़्बातों की
मुझसे अब मत पूछो बज़्म-ए-इश्क़ हालातों की
उलझनें सारी सुलझ गई रुख़्सार पे ढलती शाम में
अलहदा हो नहीं सके तुम एजाजे इश्क़ एहतराम की-
Ek sham nhi guzregi
Jab tum aaiyne ke paas na jaoge
Saj ke tum lal bindi me
Roz yaad kroge roz muskuraoge
Chhoo ke tum khudko
Khudme shaamil mujhe hi paoge
Halki aakhen band krke
Us aahh me naam mera bol jaoge
Aise hi yaad krna mujhe
Isi se tum khudko mera keh paoge
❤❤❤❤❤-
YQ शुरू से ससुराल सा लगता था
सालियाँ होती थी यहां तो रौनक सा लगता था
पर अब यहां वो बात भी ना रही
आऊं पर्व त्यौहार में तो
कोई अब पानी भी नहीं पूछता है
क्या करें एक भी साली तो रही नहीं यहां
और घरवाली का यहां काम ही क्या है
YQdidi के नाम पर एक सास रहती है यहां
जिसका सपोर्ट कभी मिला ही ना है
काश......
वो रौनक यहां फिर से आ जाए
पर अब वो उम्र और वक्त भी ना रहा है
घरवाली मिली है जो
उसके लिए अपने सपने को पूरा करना है
और क्या लिखूं अब यहां
बीवी के डर से ससुराल में भी चुप रहना पड़ता है
गलती से भी अगर बुरा मान गई वो
तब मनाने में ससुराल नहीं
पूरा का पूरा नानी घर याद आता है
😒
लाइक करना यार कमेंट नहीं
अब रिप्लाई देने में भी डर सा लगता है
कूट देती है पकड़ के सो सोचना पड़ता है
😭😂-
जब तन्हा रातें लिखी हो किस्मत में
तब चांद भी कहीं गुम हो जाता है
बादलों पे भी क्या इल्जाम लगाए हम
जब चांद खुद आधा होता जाता है
तारों से सजी महफिल दिया हमने चांद को
उसे तो फिर भी दूर रहके घूमना आता है
खिड़की खोल के रखा हमने उसकी झलक को
उसे तो अपनी चांदनी भी छुपाना आता है
तड़प जाता हूं चांद को बाहों में लेने को
जिसका इंतजार किया पूरे दिन पास सुलाने को
वो पूरे आसमां में खुद को निखारता है
जिसका अक्स छिपा है मुझमें अब वो घबराता है
चांद है मेरा अब और क्या इल्जाम लगाए हम
इश्क़ बेपनाह है फिर भी और बढ़ता जाता है-
Hazaron baar tumhe dekh
ke hairan ho chuke
Jee chahta hai ki tumhe
ek baar aur dekhe
Tum jaisi apsara v nahi
hogi us jannat me
Isliye soch rahe ki sari
yaaden yhi se le le
😜😝😂
-
सांसो से खेल रहे हो तुम मेरी
दिल की धड़कन में सिर्फ तू बसा है
रातें गुजर जाती है मेरी तन्हा तेरे बिन
छोड़ के तू मुझे जबसे अपनी दुनिया में गया है
©Vivek Prakash
❤💛💛💛💛💛💛💛💜💜💜💜💜❤❤-
तुम्हें नाराज करना
मेरी खता नहीं
मुझे याद करना
ना होना खफा कभी
इश्क मेरा रूठ जाता है
तुम्हें दूर देखके
ना होना तुम मुझसे दूर
ना करूँगा मैं नाराज कभी-
बीबी की मुस्कुराहट के लिए जान दे देंगे 😍
आजाद हो गया भारत तो क्या हुआ 🙂
हम तो बीबी की गुलामी करेंगे 😀
बस ताना ही तो देती है 🥲
सिर्फ थोड़ा सा ही 🤗
शायद ज्यादा 🤔
सुन लेंगे 😒
कोई उपाय भी तो नहीं है 🙄
हां सुन लेंगे 😔
डरते भी तो है बहुत उनसे ☹
इग्नोर करूं क्या 😎
पर जान लेने की धमकी देती है 😭
नहीं नहीं 😫
बीबी है पंगा नहीं लेंगे 🥺
नोट: शायरी में महबूबा के लिए जान देने की बात कतई ना करें 🤐
बीवी बनने के बाद यहीं महबूबा शायरी को सीरियस ले लेती है।-