#prostitute

29 quotes

Tawaif(طوائف) 

Tawaif ,sunn ke hairani hogi
Magar uski bhi koi kahani hogi
Jism firoshi ke dhandhe ke peeche
Baat koi purani hogi
Kissi ko to zikar karna hoga uska
Kissi ko to ye sunnai hogi
Padha hai maine MANTO ke fasane
Iss mashrein mai uski bhi ravani hogi
Uske bhi kuch khawaab honge
Khayalo'n se bhari majboori purani hogi
Tawaif,sunn ke hairani hogi
Koi to uski bhi kahani hogi........

Tawaif- prostitute, mashrein-society , jism firoshi- prostitution, MANTO- name of the most blunt writer of south asia #YQbaba #prostitute #reality

26 MAR AT 19:36

A magician he was.
Who kissed me once,
And every taste of other lips
suddenly disappeared.

*Soulful kiss* He came to my decorated lane, And made me realised That all men are not same. I should not bother, With what they name, Me in this society. For I am a woman, Stronger than them. A surviving veteran, Brave hearted soul And someone untamed. That was the first night, I spent with someone Customer he was, Still known to my heart. He didn't crushed my body, Yet touched my soul. He was a magician, Who kissed me once And every memory Of other lips disappeared One by one. Was he not a customer to me, or, was I not a Prostitute to him? For the first time, A man touched me without touching my body. -From the diary of what they call me i.e 'A Prostitute' 💕 #YQBaba#memories#he#magician#disappear#prostitute

25 MAR AT 2:00


अप्पू की डायरी का ख़त है ये,नीचे लिखा,
          शीर्षक: उस तरफ,

“कितनी खूबसूरत होगी तुम जो रहती हो उस तरफ,कितना खूब लिखा होगा उसने तुझे जो तुम रहती हो उस तरफ,सुबह का चैन और रात का आराम क्या नायाब जिंदगी होती होगी उस तरफ,कितना रंगीन होगा उस तरफ जो तुम रहती हो उस तरफ,क्या खता रही होगी मेरी,जो जन्म लिया मैने इस तरफ,मुझको भी समजाना जो मै आ सकी कभी उस तरफ,कैसे करते हो तुम उस तरफ,जब कभी कोई कहता है तुमको सुन्दर उस तरफ,क्या है वो अहसास जो होता है महसूस जब करे कोई तारीफ़ नि:स्वार्थ तुम्हारी उस तरफ,
जिस्मानी नही ज्जबाती होती होंगी बातें उस तरफ, तभी मिलते नही ज्जबात रुह के इस तरफ,

ना जाने कौन सा पानी बहता होगा उस तरफ की मै कहलाती हू मैली इस तरफ”

आगे बहुत पन्ने है लिखे उसने समय रहा तो बतलाउंगा...

#तवायफ़ #तवायफ #मैल #YQdidi (Part-4) (ended-for-time-being) “कितनी खूबसूरत होगी तुम जो रहती हो उस तरफ,कितना खूब लिखा होगा उसने तुझे जो तुम रहती हो उस तरफ,सुबह का चैन और रात का आराम क्या नायाब जिंदगी होती होगी उस तरफ,कितना रंगीन होगा उस तरफ जो तुम रहती हो उस तरफ,क्या खता रही होगी मेरी जो जन्म लिया मैने इस तरफ,मुझको भी समजाना जो मै आ सकी कभी उस तरफ,कैसे करते हो तुम उस तरफ,जब कभी कोई कहता है तुमको सुन्दर उस तरफ,क्या है वो अहसास जो होता है महसूस जब करे कोई तारीफ़ नि:स्वार्थ तुम्हारी उस तरफ, जिस्मानी नही ज्जबाती की बातें होती होंगी उस तरफ, तभी मिलते नही ज्जबात रुह के इस तरफ, ना जाने कौन सा पानी बहता होगा उस तरफ की मै कहलाती हू मैली इस तरफ” #prostitute #sex #pain #letter #diary #YQbaba #ख़त #दर्द #प्यार #उस #तरफ #उसतरफ #की #कहानी

18 MAR AT 15:56

कुछ साल पहले आई थी मै इधर और तब से कुछ नही बदला है, वही राते और वही सुबह और फिर वही राते यही चलता आया है पिछले 9-10 सालो से,
सब कहते है की मेरे पिता भी थे साथ जब हम कोल्कता आये थे,मगर फिर वो बिन बताए एक दिन मॉ को छोड कर चले गये, ना तो मॉ के पास रुपया था ना ही कोई जीवन व्यापन का साधन,तब रूपा दीदी ने ही मॉ की मद्द की थी पूरे 2 माह हम उन्के संग रहे थे,कहते है सब,
भारत घूमने आया था तेरा पिता और तेरी मॉ को घुमा गया,तब तू हुई थी फिरंगी...

आज जब रूपा दीदी ने मेरी तारीफ की थी तो दिल इतरानए को तो करता है,मगर क्या करे यहा
एसा कुछ नही चलता है, कौन जाने किस के मन मे क्या पनप्ता है..
उमर मॉ की हो आई है कहा था एसा उन्होने ही इशारा था मेरे यौवन पे उनका,

“नौश फऱमान निक्लेगा मेरा,बिकने को तैयार शृंगार करे खडा होगा जिस्म मेरा,
मन मैला है,एसा नही कुछ होता जब गिद़ करे शिकार तो, क्यो हो उसका जिसका हुआ शिकार,
मॉ के संग चाट चुके हैे उंगलियां अपनी वो,कई बार,
कुछ ऊब गये, कुछ खूब कहे, रात मे बस कुछ पल वो गुजा़र उसको वो छिनाल कहे,वो विचारो के बीमार”

जब आपकी कोई तारीफ करता है, तो क्या आप भी यही सब सोचती है,इतना विचार करती है,उसने एसा क्यो कहा होगा? क्या आज रात वो फिर आऐगा?
 नही-ना तो आप बेहद खुशनसीब हो,
हमतो ठहरे तवायफ जनाब,हम कहा इतने नसीब वाले!!

#तवायफ़ #YQdidi #तवायफ (Post-3) (to-be-continued) नौश फऱमान निक्लेगा मेरा,बिकने को तैयार शृंगार करे खडा होगा जिस्म मेरा, मन मैला है,एसा नही कुछ होता जब गिद़ करे शिकार तो क्यो हो उसका जिसका हुआ शिकार,मॉ के संग चाट चुके हैे उंगलियां सारी वो कई बार,कुछ ऊब गये, कुछ खूब कहे, बस रात मे कुछ पल वो गुजा़र,उसको वो छिनाल कहे वो विचारो के बीमार... #शृंगार #मैल #मन #बीमार #लोग #जिस्म #prostitute #YQbaba #lust #sex #pain #life #tales

18 MAR AT 14:03