#letter

271 quotes

मेरी प्यारी मम्मी,

तुमने आजतक मुझे कुछ नहीं कहा चाहे वो कुछ भी मसला रहा हो। कभी कुछ करने से मना नहीं किया पर हमेशा एक बात सिखाई कि बड़ों को बताया नहीं जाता उनसे पूछा जाता है, शायद उसी का असर रहा कि मैंने हमेशा तुमसे पूछकर काम किये। जब कभी रोने का मन करे तब मैं खुद को रोक लेता हूं तुम मुझे अक्सर कठोर कहती हो, पर मम्मी मैं इसलिए नहीं रोता की कहीं तुम न रो दो। तुम किसी पौधे में दिया जाने वाला वो पानी हो जिसके बिना वो पौधा सूख जाता है।  जब मुझे कहीं सराहा जाता है तो वो मेरी नहीं तुम्हारी सराहना होती है  क्योंकि तुम न होती तो मैं आज क्या होता। कभी कभी सोचने बैठता हूं तो लगता है कि मैं तो बस गेंहू था ,तुमने मुझे पीसकर आटा बनाया और  फिर उसे गूंथा और अब एक गोल सी रोटी बना दी है । तुम जब नहीं होती हो न तब मैं अपने लिए खाना बनाता हूँ तो  लगता है  कि तुम कितनी अव्वल दर्जे की कलाकार हो , मैं चार बार उठा उठाकर रोटी को बेलता हूँ फिर भी वो गोल नहीं होती और तुम बस एक ही बार में गोल रोटी बना देती हो। कौन कहता है कि तुम आर्टिस्ट नहीं तुमसे अच्छा स्वेटर कौन बुन पाता है , तुमसे अच्छी रंगोली कौन बना पाता है ?कौन कहता है कि तुम सेफ नहीं तुमसे अच्छा खाना कौन बना पाता है ?
(Rest in caption)

मेरी प्यारी मम्मी, तुमने आजतक मुझे कुछ नहीं कहा चाहे वो कुछ भी मसला रहा हो। कभी कुछ करने से मना नहीं किया पर हमेशा एक बात सिखाई कि बड़ों को बताया नहीं जाता उनसे पूछा जाता है, शायद उसी का असर रहा कि मैंने हमेशा तुमसे पूछकर काम किये। जब कभी रोने का मन करे तब मैं खुद को रोक लेता हूं तुम मुझे अक्सर कठोर कहती हो, पर मम्मी मैं इसलिए नहीं रोता की कहीं तुम न रो दो। तुम किसी पौधे में दिया जाने वाला वो पानी हो जिसके बिना वो पौधा सूख जाता है। जब मुझे कहीं सराहा जाता है तो वो मेरी नहीं तुम्हारी सराहना होती है क्योंकि तुम न होती तो मैं आज क्या होता। कभी कभी सोचने बैठता हूं तो लगता है कि मैं तो बस गेंहू था ,तुमने मुझे पीसकर आटा बनाया और फिर उसे गूंथा और अब एक गोल सी रोटी बना दी है । तुम जब नहीं होती हो न तब मैं अपने लिए खाना बनाता हूँ तो लगता है कि तुम कितनी अव्वल दर्जे की कलाकार हो , मैं चार बार उठा उठाकर रोटी को बेलता हूँ फिर भी वो गोल नहीं होती और तुम बस एक ही बार में गोल रोटी बना देती हो। कौन कहता है कि तुम आर्टिस्ट नहीं तुमसे अच्छा स्वेटर कौन बुन पाता है , तुमसे अच्छी रंगोली कौन बना पाता है ?कौन कहता है कि तुम सेफ नहीं तुमसे अच्छा खाना कौन बना पाता है ? कौन कहता है कि तुम प्रबन्धन नहीं जानती तुम्हीं तो घर को एक कंपनी अच्छे प्रबन्धक और एक अच्छे प्रशासक की तरह सम्भाला है। तुमने अपने सपनों की आहुति देकर हमारे सपनों को सवांरने के लिए खुद को तपाया है। जब तक मैं खाना नहीं खाता तुम नहीं सोती और तुमने हमें हमेशा गर्म रोटी मिले इसलिए साथ में खाना खाने का आनंद त्याग दिया। तुमने सिंगर बनने का सपना छोड़कर हममे खुद को झोंक दिया ।तुम को जब गाते सुनता हूं वो भी जगजीत सिंह का 'होंठो से छू लो तुम' तो लगता है कि खुद चित्रा सिंह गा रहीं हैं आवाज में वही खनक।पर मैं आजतक न जान सका कि तुम इस गाने को गाते गाते रो क्यों देती हो? जब मैं कभी देख लेता हूं तो मुँह पर पानी की छींटे मारकर उन्हें छुपा लेती हो। माँ तुममे कितना धैर्य है कभी कोई फरमाइश नहीं , कभी कोई शिकायत भी नहीं और दिन रात काम , माँ तुम थकती नहीं क्या?अब थायराइड की वजह से तुम्हारे पैर दर्द करते हैं ,पर तुम कभी रुकती नहीं, मैं ही कभी कभी जिद करके तेरे पैर दबा देता हूं , पर तू कभी आग्रह नहीं रखती। तुम इतना कुछ करती हो मम्मी पर किसी से कोई अपेक्षा नहीं , तुम धन्य हो। तुम सोने को जोड़ने में प्रयोग होने वाला वो तांबा हो जिसके बिना उसका आभूषण नहीं बनाया जा सकता । तुम तुम वो पत्थर हो जो घिस जाए तब तक आपके काम आता है, तुम पानी की शीतलता जैसी हो मां , तुम वो सूर्य हो जो कभी अपने प्यार रूपी ऊष्मा में किसी से भेदभाव नहीं करता। माँ तुमने मुझे सहनशील होने के साथ साथ गलत के लिए लड़ना सिखाया। मैंने भगवान को तो नहीं देखा पर मैने तुम्हें देखा है माँ। तुम्हारे त्याग को नमन है मां। Thnku मम्मी उस सब के लिए जो तुमने मेरे लिए किया। शायद ये thnku बहुत छोटा है पर फिर भी thnku मम्मी। #मां #मम्मी #mother #त्याग #sacrifice #hindi #हिंदी #खत #चिट्ठी #letter #yqbaba #yqdidi

27 APR AT 18:55

Dear Ex-Bestfriend,

If ditching was an art they would call you Picasso !

Dedicated!! #ditched#bestfriend#traitor#art#picasso#letter#mirakee#YQbaba#instagram#writings#revenge#fake

27 APR AT 2:18

বাবা,
 সাইকেল চালানো খুব কম বয়সে শিখেছি। আমাকে পেছন থেকে ধরে রাখা তোমার শক্ত হাত, আমায় খুব তাড়াতাড়ি শিখিয়ে দেয়। আমি কতবার পড়েছি, রক্তও ঝরিয়েছি, কিন্তু সাইকেলে​ সাম‍্য বজায় রাখতে শিখেছি।

 বাবা আজ আমি খুব একা। জীবনে সাম‍্য রাখার কৌশলটা তো আর শেখা হলো না। আজ আমি পড়ে যায়, কিন্তু তোমার শক্ত হাত আমাকে পেছন থেকে সাহস দেয় না।

 আমি খুব তাড়াতাড়ি বড় হওয়ার আকাঙ্ক্ষায় তোমার শক্ত হাত ছেড়ে দিয়েছি। আসলে আমি বড়ই হয়নি, বাবা আজও আমার খুব ভয় করে।

ইতি,
তোমার অভাগা পুত্র

#unspoken#letter #আমার_বাবা #yqdada #amarbaba #yqbaba Translation: Dad,   I had learnt Bicycling lessons at a very young age. Keeping me balanced from behind with your strong arm, taught me very quickly. How many times I'd fall, I'd bleed my blood, but I've learnt to maintain balance on bicycle.   Dad today I am very alone . I forgot to learn from you the technique to keep balance in life . Today I fall, but your strong hands do not follow me to give me balancing power.  I gave up your strong hands in the hope of getting independent so soon. Actually I have not grown up, my father,I still fear to fall apart. Yours truly, Your unlucky son

26 APR AT 18:14

To once upon a dear friend,

You know I hate it when my friends swear you for whatever you've done to me. I mean look at dogs they're adorably cute and guess what they're loyal too. Atleast to the people who're good to them. I guess you're my parasite. Yeah, you heard me right. The endo one! You got attached to me. And I just became a host.


-(Read the letter in caption)

To once upon a dear friend, Oops, did I call you dear? Oh, I've committed a bigger blunder by saying the latter one. We weren't friends, aren't we? Too many lessons, too many heartaches. What to write about. You know I hate it when my friends swear you for whatever you've done to me. I mean look at dogs they're adorably cute and guess what they're loyal too. Atleast to the people who're good to them. I guess you're my parasite. Yeah, you heard me right. The endo one! You got attached to me. And I just became a host. You fed on my emotions and got bigger day by day. I never realised until the day I fell sick. Sick of those dreamy lies, those promises. I got sick of you. As a dumbo what you used to call me oftentimes and I used to smile from cloud number 9. I never knew it would turned out to be true someday. I behaved like one. I always knew you were a mess, but you never mentioned how filthy you were. I stepped in to help you clean yourself and end up getting dirty. Too dirty that even ganga water is unable to clean those stains. Marks you've left on my lifebook stink as bad as your words, intentions and heart did. I've got an antibiotic inside my own body. My heart still beats fiercely purifying the blood you've infected and it won't curse you for anything. Cause somewhere deep I know I've made my immune system susceptible to your false friendship. -Your ex host and current nobody #alettertolonglostparasiticfriend #letter #YQBaba

26 APR AT 17:56