#college

143 quotes

  Nothing have an 'END'

        Except 'DEATH'

#one#phase of life#ends#another#starts#schòoling#college#G#PG#JOB#MARRIGE#RETIREMENT#starts#newone#always

YESTERDAY AT 15:38

देकर इम्तिहां हम अपने अपनी अपनी मंज़िल को चले
ए दोस्त तुम शायद पूर्व चले शायद हम पश्चिम चले
तुम शायद उत्तर चलो हम शायद दक्षिण चले
तुम हमें भूल जाओ शायद हम तुम्हे भूल चले
Whatsappपर हो बात जरूर पर शायद न फिर घुले मिले
शायद तुम्हे मुझसे भी अच्छे दोस्त मिले और मुझे न फिर कोई दोस्त मिले
तुम्हे शायद मेरे जैसा पकाऊ न मिले standard और hifi मिले
तुम्हे इस कॉलेज से भी अच्छा कॉलेज मिले शायद मुझे वो भी न मिले
तुम मुझसे भी आगे बढ़ो शायद फिर न कभी मिलो
शायद में पीछे रह जाऊ पर तुम आगे आगे चलो
अपनी मंज़िल की तरफ बढ़ो शायद मुझे भुलाते चलो
पर याद करना ए दोस्त  जब भी time मिले में फिर आऊंगा
तुम्हे हँसाके थोड़ा गुदगुदा के वापिस में चला जाऊंगा...
Rest in caption

#दोस्त #पक्के #कमीने #यारी # तेरी #मेरी #college #life #याद आयेगे ये दिन भूले न जाएंगे ये दिन आंखो में नमी देकर बहुत रुलायेंगे ये दिन याद आयेगें ये दिन..... देकर इम्तिहां हम अपने अपनी अपनी मंज़िल को चले ए दोस्त तुम शायद पूर्व चले शायद हम पश्चिम चले तुम शायद उत्तर चलो हम शायद दक्षिण चले तुम हमें भूल जाओ शायद हम तुम्हे भूल चले Whatsappपर हो बात जरूर पर शायद न फिर घुले मिले शायद तुम्हे मुझसे भी अच्छे दोस्त मिले और मुझे न फिर कोई दोस्त मिले तुम्हे शायद मेरे जैसा पकाऊ न मिले standard और hifi मिले तुम्हे इस कॉलेज से भी अच्छा कॉलेज मिले शायद मुझे वो भी न मिले तुम मुझसे भी आगे बढ़ो शायद फिर न कभी मिलो शायद में पीछे रह जाऊ पर तुम आगे आगे चलो अपनी मंज़िल की तरफ बढ़ो शायद मुझे भुलाते चलो पर याद करना ए दोस्त जब भी time मिले में फिर आऊंगा तुम्हे हँसाके थोड़ा गुदगुदा के वापिस में चला जाऊंगा... #yqbaba #yqdidi #yourquote

24 MAY AT 15:58

"4 Years of Engineering"
(read in caption 🙏🙋)

4 years of engineering 1st year(unrealistic dreams) कॉलेज का पहला साल था फुल टशन था, अपना फुल बवाल था क्लास में स्त्रीलिंग के रूप में बस chalk ही थी यह मेरी किसमत का कमाल था सोचा था संग हसीना के प्यार की कसमे खाऊँगा कैंटीन में बैठे बैठे यारों संग वक़्त बिताऊँगा अटेंडेंस ने बड़ा ऐंठ कर हम पर अत्याचार किया इंटरनल एग्जाम के ख़त्म होने का हमने इंतज़ार किया इंटरनल ख़त्म हुए, सेमेस्टर आ गए मेरे सारे सपनो में फुल स्टॉप लगा गए इंजीनियरिंग मेरे अरमानों को इस कदर धो गयी सामने की क्लास वाली पूजा किसी और की हो गयी देखते देखते ख़त्म एक साल हुआ शुरुवात में ही थोड़ा सा बुरा हाल हुआ 2nd year(unrealistc hopes) दूसरे साल में कदम रखते ही पंख फड़फड़ाने लगे बिगड़ जाने के दिन मेरे करीब आने लगे लड़की ना सही सुट्टा दारू ही सही पैसे ना सही उधारी ही सही दिन रात गांजा फूँक करे बम बम भोले बेटा अब फंदे में फस चुका है कितना भी तू रोले अब प्यार नहीं इज़्ज़त की तलाश थी थोड़े सीनियर थे हम जूनियर को पटाने की आस थी लेकिन जूनियर को पसंद आए हमारे सीनियर फिर क्या बंद किया कमरा निकाली थंडी बियर जूनियर की रैगिंग लेकर निकालनी भड़ास थी किसमत देखिये, प्रॉक्टर की टोली पास थी दूसरा साल निकला अधमरी आस में अभी भी मेरा दिल था किसी के प्यार की तलाश में अब तो अटेंडेंस भी घट जाती थी अब सेमेस्टर की खबर सुन कर फट जाती थी जैसे तैसे दूसरा साल निकाला दिल को समझाया, ख़ुद को संभाला 3rd year(unrealistic confidence) यह साल था कुछ कर दिखाने का हम पढ़ भी सकते हैं, यह बताने का क्लास में बैठ किताब निकाल जैसे ही शुरू करी पढ़ाई सामने से गुज़री जूनियर देख मुझे मुस्कुराई दिल ने बोला ना रे पगले, बैठ जा, उधर ध्यान ना दे मैने भी बोला अपने दिल को ,ज्यादा मुझको ज्ञान ना दे दिल ने कहा,ओ बावले, मुस्कुरा कर भरी उसने तेरी चाभी है मैने कहा दिल से ऐसा मत बोल, वो तेरी भाभी है मैं निकल पड़ा उसके पीछे, करके दुम टेढ़ी उसका भी एक बॉयफ्रेंड निकला, क्या किसमत है मेरी मैने फिर भी सोचा चलो एक बार कोशिश करते है क्या! उसका बॉयफ्रेंड नेता का बेटा? चलो चल कर पढ़ते है तीसरे साल जब कॉन्फिडेंस फाड़ चुका था छत फिर एक दिन पहुँच गया, कॉलेज से घर में ख़त बड़े प्यार से घर वालों ने घर पर था ,मुझे बुलाया जूते चप्पलों की बारिश से था ,मुझे गया नहलाया तीसरे साल के अंत तक जो घमंड थी ज़िंदगी असल में देखा जाए तो झंड थी ज़िंदगी 4th year(unreleastic expectations) चौथे साल में आते आते कॉलेज अपनी जाँगिर बन गया चौड़े बन कैंपस में टहलना रोज़ की आदत बन गया कौन सा ऐसा तोप चलाया, झाड़ने लगे थे रौब अब यहीं कॉलेज दिलवाएगा ,हम सबको ,एक जॉब चार सालों से चिढ़ा रहे थे, कॉलेज सह रहा था प्लेसमेंट के वक़्त तुम सबकी लूँगा,दरअसल यह हमसे कह रहा था फेयरवेल का दिन था और दिल को एतबार था कि पूजा आकर कहेगी तुम्ही से मुझको प्यार था मेरी आँखों मे बस तुम्हारा ही इंतज़ार था वो सामने से आ रही थी और शर्मा मैं रहा था उसके कदमों की आहट सुन घबरा मैं रहा था वो बगल में मेरे बैठी, मेरे करीब आई और मुझसे कहा "कैसे हो मेरे भाई?" चार साल अवास्तविक होकर अब जगे है हम एक उम्र सोकर #engineering #4years #college #yqbaba #yqdidi #yqpoetry #YoPoWriMo Best of YourQuote Poetry #anshulwrites #comedy

24 MAY AT 8:45

Yes! I'm that guy

you see in the class
and don't remember.

was shy to reach to you
scared to speak in the class
would hide behind someone
when teacher had something to ask.

still remember 
the pens you bought
was desperate to buy
same from the lot
you holding same one as me
used to give wings to my thoughts.

it still gives me shiver
when you sat next to me
seemed I got some fever
when your hands touched me
was numb and silent for that one hour
when our team won and you hugged me.

Oh! and that beautiful moment
when our name were together
that project book is so special
and I still have that in cover.

I don't think, you didn't care
whenever I stare
you did smile to me
but didn't had guts to dare.

did you forget?
I am that guy...

#yqbaba#yopowrimo#tpmd#school#college#love#one#sided#story Yes! I'm that guy you see in the class and don't remember. was shy to reach to you scared to speak in the class would hide behind someone when teacher had something to ask. still remember the pens you bought was desperate to buy same from the lot you holding same one as me used to give wings to my thoughts. it still gives me shiver when you sat next to me seemed I got some fever when your hands touched me was numb and silent for that one hour when our team won and you hugged me. Oh! and that beautiful moment when our name were together that project book is so special and I still have that in cover. I don't think, you didn't care whenever I stare you did smile to me but didn't had guts to dare. did you forget? I am that guy...

23 MAY AT 23:09